मालदीव की संसद में बोले PM मोदी, राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ा खतरा

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आतंकवाद हमारे समय की बड़ी चुनौती है। आतंकवादियों के न तो अपने बैंक होते हैं और ना ही हथियारों की फैक्टरी, फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती। राष्ट्र द्वारा प्रायोजित आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बातें मालदीव की संसद में कहीं। इस मौके पर उन्होंने भारत-मालदीव के रिश्तों को इतिहास से भी पुराना बताया। पीएम मोदी ने कहा, “भारत और मालदीव के संबंध इतिहास से भी पुराने हैं। सागर की लहरें हम दोनों देशों के तटों को पखार रही हैं। ये लहरें हमारे लोगों के बीच मित्रता का संदेश-वाहक रही हैं। हमारी संस्कृति इन तरंगों की शक्ति लेकर फली-फूली हैं।”

मालदीव की संसद में पीएम मोदी के संबोधन के अहम अंश

* मालदीव यानी हज़ार से अधिक द्वीपों की माला, मालदीव हिन्द महासागर का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का एक नायब नगीना है। इसकी असीम सुन्दरता और प्राकृतिक सम्पदा हजारों साल से आकर्षण का केंद्र रही है

* आज मालदीव की इस मजलिस में, आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे बहुत हर्ष हो रहा है। मजलिस ने मुझे निमंत्रण देने का निर्णय, सम्माननीय नशीद जी के स्पीकर बनने के बाद अपनी पहली ही बैठक में लिया। आपके इस जेस्चर ने हर भारतीय के दिल को छू लिया है और उनका सम्मान और गौरव बढ़ाया है।

* यहां अलग-अलग विचारधारा और दलों के सदस्य देश में लोकतंत्र, विकास और शांति के लिए सामूहिक संकल्प को सिद्धि में बदलते हैं। ठीक उसी तरह, जैसे कुछ महीने पहले मालदीव के लोगों ने एकजुट हो कर दुनिया के सामने लोकतंत्र की एक मिसाल कायम की।

* आज आपके बीच मैं ज़ोर देकर कहना चाहता हूँ कि मालदीव में लोकतंत्र की मजबूती के लिए भारत और हर भारतीय आपके साथ था, है और रहेगा। यह सदन, ईंट-पत्थर से बनी सिर्फ एक इमारत नहीं है। यह लोकतंत्र की वो ऊर्जा भूमि है जहां देश की धड़कने आपके विचारों और आवाज़ में गूंजती है।

* भारत और मालदीव के संबंध इतिहास से भी पुराने हैं। सागर की लहरें हम दोनों देशों के तटों को पखार रही हैं। ये लहरें हमारे लोगों के बीच मित्रता का संदेश-वाहक रही हैं। हमारी संस्कृति इन तरंगों की शक्ति लेकर फली-फूली हैं।

* मालदीव में स्वतंत्रता, लोकतंत्र, खुशहाली और शांति के संबंध में भारत मालदीव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है। मैं उन सभी उपायों को विशेष महत्व देता हूँ जिनसे people-to-people exchanges को बढ़ावा मिले। अत: मुझे विशेष खुशी है कि हमने आज दोनों देशों के बीच ferry service पर समझौता किया है।

* आतंकवाद हमारे समय की बड़ी चुनौती है। आतंकवादियों के न तो अपने बैंक होते हैं और ना ही हथियारों की factory, फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती। आतंकवाद की State sponsorship सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।

* यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि लोग अभी भी good terrorist और bad terrorist का भेद करने की गलती कर रहे हैं। पानी अब सिर से ऊपर निकल रहा है। आतंकवाद और radicalisation से निपटना विश्व के नेतृत्व की सबसे खरी कसौटी है।

* अब भारत के सहयोग से माले की सड़कें ढाई हज़ार एलईडी street lights के दूधिया प्रकाश में नहा रही हैं और 2 लाख एलईडी बल्ब मालदीव वासियों के घरों और दुकानों को जगमगाने के लिए आ चुके हैं।

* भारत अपनी शक्ति और क्षमताओं का उपयोग केवल अपनी समृद्धि और सुरक्षा के लिए ही नहीं करेगा। बल्कि इस क्षेत्र के अन्य देशों की क्षमता के विकास में, आपदाओं में उनकी सहायता के लिए, तथा सभी देशों की साझा सुरक्षा, संपन्नता और उज्ज्वल भविष्य के लिए करेगा।

* हम सामुद्रिक पड़ोसी हैं। हम मित्र हैं। और दोस्तों में कोई छोटा और बड़ा, कमज़ोर और ताकतवर नहीं होता। शांत और समृद्ध पड़ौस की नींव भरोसे, सद्भावना और सहयोग पर टिकी होती है।

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